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मिशन 2019 से पहले श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर सियासत तेज

मिशन 2019 से पहले श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर सियासत जहां तेज है, वहीं संत समाज भी पूरी तरह आंदोलन के मूड में आ चुका है। विहिप ने भी राम मंदिर आंदोलन को धार देने के लिए शंखनाद रैलियों का आयोजन कर दिया है। 25 नवंबर को अयोध्या में शंखनाद रैली के साथ इसका शुभारंभ होगा। अंतिम रैली नौ दिसंबर को दिल्ली में होगी। दिल्ली में होने वाली रैली को ऐतिहासिक बनाया जाएगा, जिसमें पूरा संत समाज और आरएसएस के दिग्गज पदाधिकारी भी शामिल होंगे। इस रैली में ही अहम घोषणाएं होने की उम्मीद है।

लोकसभा चुनाव से पहले राम मंदिर निर्माण को लेकर एक बार फिर से आवाज बुलंद हो रही है और तमाम संगठन इसको लेकर मैदान में हैं।

दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद यानी वीएचपी के कार्यालय में देश भर से आए बड़े संतों का जमावड़ा लगा. राम मंदिर मुद्दे को लेकर चर्चा हुई और फिर संतों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार से कानून बनाने का फरमान जारी कर दिया.

राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार से कानून बनाने का फरमान

संत उच्चाधिकार समिति’ की बैठक राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में हुई. इस बैठक में स्वामी वासुदेवानंद और विश्वेशतीर्थ महाराज समेत और कई बड़े संत मौजूद रहे. सबने एक सुर में साफ कर दिया कि सरकार जरूरत पड़ने पर लोकसभा और राज्यसभा का संयुक्त सत्र बुलाकर मंदिर निर्माण के लिए कानून पास कराए.